गुरुवार, अप्रैल 07, 2011

शब्द निर्माण – समास प्रक्रिया का उपयोग – सेल्स मानव/बिक्रीमानव


शब्द निर्माण, नामकरण की प्रक्रिया है। जब कोई नई अवधारणा या संकल्पना मूर्त रूप ले लेती है तो उसकी पहचान का प्रश्न उत्पन्न होता है। अतः उस मूर्त रूप को कोई न कोई नाम दिया जाता है जिससे उसे संबोधित किया जाता है। आमतौर, पर उदाहरण लें तो जन्म के 21 दिन उपरांत शिशु का नामकरण किया जाता है और फिर उसे उसी नाम से संबोधित किया जाता है। नामकरण का आधार उस संकल्पना या अवधारणा का गुण-धर्म होता है, अर्थात्, वह मूर्त वस्तु क्या काम करती है? उसका क्या प्रभाव होता है? आदि। शिशु के नामकरण में हम उन गुणों को आरोपित करके कोई सार्थक शब्द या शब्द युग्मों का उपयोग करते हैं। कभी अति अप्रचलित शब्दों का उपयोग किया जाता है तो कभी प्रचलित। कभी एक ही भाषा के एक शब्द का उपयोग किया जाता है तो कभी एक ही भाषा के दो शब्दों का उपयोग किया जाता है तो कभी दो अलग अलग भाषाओं के शब्दों का। जब दो शब्दों का उपयोग करके एक नाम (संज्ञा) दिया जाता है तो उस नामकरण की प्रक्रिया को समास प्रक्रिया कहा जाता है। कामता प्रसाद गुरु के अनुसार दो या अधिक शब्दों का परस्पर संबंध बताने वाले शब्दों से बनने वाले स्वतंत्र शब्द को "सामासिक" शब्द और उस प्रक्रिया को "समास" कहते हैं।  

आधुनिक हिंदी और कार्यालयी हिंदी में समास प्रक्रिया केवल हिंदी शब्दों तक ही सीमित नहीं है। दो विभिन्न भाषाओं के शब्दों को मिलाकर भी सामासिक शब्द की रचना की जा सकती है, जैसे, "सेल्स मानव"। यह शब्द प्रवीण पांडे के ब्लॉग पर अभी हाल ही में मोबाइल फ़ोन में हिंदी की सुविधा का उल्लेख करते हुए गढ़ा गया नवीनतम शब्द है। इसकी प्रतिक्रिया में 88 लोगों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की। बाकी सभी ने तो फ़ोन की अच्छाई, कीबोर्ड की सुविधा असुविधा, कीमत आदि पर राय व्यक्त की परंतु सतीश सक्सेना (सेल्स मानव), निशांत मिश्र (सेल्समानव), पद्म सिंह (सेल्स मानव) और गिरधारी खंकरियाल (सेल्समानव/बिक्रीमानव) ने प्रवीण पांडेय द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्द "सेल्समानव" को सराहा। खंकरियाल ने दूसरा विकल्प "बिक्रीमानव" सुझाया

इन लोगों ने शब्द को तो सराहा परंतु जाने अनजाने लेखन के तरीके में थोड़ा अंतर दिखाया। किसी ने दोनों शब्द खंडों को अलग अलग लिखा तो किसी ने दोनों को साथ मिलाकर। सामासीकृत शब्दों के लेखन का व्याकरणिक नियम है कि जब दोनों पद सजातीय हों (एक ही भाषा या मूल के) तो उन्हें मिलाकर लिखा जाए अन्यथा अलग-अलग बिना योजक चिह्न (-) लगाए लिखा जाए। यहाँ पर "सेल्स" और "मानव" दो विजातीय शब्द या पद हैं इसलिए इन्हें "सेल्स मानव" लिखा जाना चाहिए। यदि खंकरियाल के दूसरे विकल्प को लिया जाए तो इसे "बिक्रीमानव" लिखा जाना चाहिए।

राजभाषा बन जाने और प्रौद्योगिकी का समर्थन मिल जाने के कारण हिंदी का क्षेत्र बहुत व्यापक हो गया है। सार्वभौमिक स्तर पर एकरूपता हो और मानकता भी बनी रहे इसलिए व्याकरणिक नियमों का पालन आवश्यक है।  

3 टिप्‍पणियां:

  1. आपने बिल्कुल सही कहा है कि राजभाषा बन जाने और प्रौद्योगिकी का समर्थन मिल जाने के कारण हिंदी का क्षेत्र बहुत व्यापक हो गया है। सार्वभौमिक स्तर पर एकरूपता हो और मानकता भी बनी रहे इसलिए व्याकरणिक नियमों का पालन आवश्यक है।

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  2. आपने बिल्कुल सही कहा है, व्याकरणिक नियमों का पालन आवश्यक है। धन्यवाद|

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