बुधवार, अप्रैल 27, 2011

सामान्य रूप से प्रयुक्त हिंदी शब्दों के निर्माण की प्रक्रिया


जानकारी टेबल रूप में देना आवश्यक है परंतु  टेबल में स्तंभों की संख्या अधिक होने के कारण थोड़ी असुविधा हो रही है। कृपया बर्दाश्त करें।
शब्द निर्माण में संस्कृत उपसर्गों का उपयोग (प्र, परा, अप, सम्, अनु, अव, निस्, निर्, दुस्, दुर्, वि, आ(ङ), नि, अधि, अपि, अति, सु, उद्, अभि, प्रति, परि, उप) उपसर्गेण धात्वर्थो बलादन्यत्र नीयते, प्रहाराहार संहारविहारुरिहारवत्। इन उपसर्गों की विशेषता के संबंध में दो सिद्धांत हैं। एक, सिद्धांत के अनुसार तो धातुओं के अनेक अर्थ होते हैं। जब उपसर्ग उन धातुओं के पूर्व जोड़े जाते हैं तो वे केवल धातुओं में पहले से विद्यमान, परंतु गुप्त पड़े हुए, अर्थ को प्रकाशित कर देते हैं। वे स्वयं अर्थ की अभिव्यक्ति नहीं करते हैं क्योंकि वे अर्थहीन होते हैं। दूसरे सिद्धांत के अनुसार, उपसर्ग अपना स्वतंत्र अर्थ प्रकट करते हैं, धातुओं के अर्थों में सुधार करते हैं, अर्थ बढ़ाते हैं और कई उन अर्थों को बिलकुल बदल देते हैं (धात्वर्थ बाधते कशचित्कश्चित्तमनुवर्तते, तमेव विशिनष्ट्यन्य उपसर्ग गतिस्त्रिधा) । शब्द निर्माण में अधिकतम तीन उपसर्गों का उपयोग मिलता है। यह नियम संस्कृत उपसर्गों पर ही लागू होता है। परंतु संस्कृत भाषा की परंपरा का अनुसरण करके बनाए गए शब्दों के साथ समास प्रक्रिया द्वारा नई अभिव्यक्तों की रचना की जा सकती है। शब्दों की रचना के समय संधि और समास के नियमों का पालन किया जाता है। उन नियमों का ज्ञान तो हाई स्कूल तक हिंदी भाषा की शिक्षा तक मिल ही जाती है। अतः उनका उल्लेख नहीं कर रहा हूं। आगे इन शब्दों के उपयोग के बारे में एक अलग पोस्ट में यथा समय चर्चा करूंगा।    



क्रमांक
उपसर्ग
अर्थ
बना शब्द
अंग्रेज़ी पर्याय
लैटिन/ग्रीक उपसर्ग
1
अति-
अधिकता के अर्थ में
अतिस्फीति, अतिकराधान, अतिक्रमण, अत्यधिक, अत्यंत, अतिप्रभार, 
hyperinflation, over taxation, supersetion, excess, excessive
hyper, over, super
2
अपि-
ऊपर रखने, एकीकृत करने, समीपता, अतिरिक्त के अर्थ में
इससे अभी कोई शब्द नहीं बनाया गया है।
Placing over, uniting, proximity, in addition to के अर्थ देने वाले शब्द बनाए जा सकते हैं  
संस्कृत में अपि अव्यय है जिसका मतलब है-भी। इसके अनेक रूप कोsपि, अद्यापि, तथापि,इदानीमपि, अप्यधिकम् आदि ये सारे रूप अव्यय हैं। वाक्य के प्रारंभ में अव्यय के रूप में प्रयुक्त होता है तो प्रश्न सूचक अर्थ देता है, जैसे, अपि नामाहं पुरूरवा भवेयम् (विक्रमोर्वशीयम्)- क्या ही अच्छा होता यदि मैं पुरूरवा होता। शब्द के अंत में और वाक्य के बीच में प्रयुक्त होकर ढक्कन का ही अर्थ देता है। इयमधिकमनोज्ञा वल्कलेनापि तन्वी - शाकुंतलम् - चाहे ऊपर से वल्कल वस्त्र में ढकी हुई तन्वी जैसे शैवाल के नीचे स्वच्छ जल। अपि- उपसर्ग से बनने वाला कोई शब्द नहीं है। एक शब्द अपिधानम्, पिधानम् (अपि + धा + ल्युट्) जिसका अर्थ है - ढकना, छिपाना, चादर, ढक्कन, आच्छादन। अतः अव्यय और उपसर्ग में अंतर को समझें। दोनों प्रयोग भिन्न हैं।
3
अनु-
पीछे चलने के अर्थ में प्रयुक्त होता है, 
अनुषंगी, अनुकूलन, अनुरक्षण, अनुदेश, अनुमोदन
ancillary, adaptation, maintenance, instruction, approval
ad- (Giving the meaning of after, behind, alond, near, with, orderly)
4
अधि-
महत्व बढ़ाने के अर्थ में, कभी-कभी बुरे अर्थ में भी प्रयुक्त
अधिक्रमण, अधिवर्षता, अधिशेष, अधिमूल्य, अधिनिर्णय, अध्यादेश
supersession,
super, sur, over
                      superannuation,  surplus, above value, award,
                      ordnance,
5
अप-
बुरे कार्यों के लिए, अधिकतर दूर ले जाने के अर्थ में प्रयुक्त होता है। हिंदी का कु- अव्यय भी यही अर्थ देता है।
अपसमायोजन, अपमिश्रण, अपसामान्य, अपहरण
maladjustment, adulteration, abnormal, abduction
ab-, appo-, mal-(Giving meaning of off, off the way)
6
अभि-
की ओर, अधिक, गहन, पर, ऊपर
अभियुक्त, अभिस्वीकृति, अभियोग, अभिनिर्धारण
accused, admission, accusation, identification (ad- d chnges according to the first letter of the word/verbal root being joined.)
ad-(Giving the meaning of over, intensive, towards, on, upon) 
7
अव-
नीचे के अर्थ में
अवस्फीति, अवक्षय, अवशिष्ट
deflation, depletion, residuary
de- (Giving the meaning of down, off, away)
8
आ-
की ओर, निकट, विपरीत, सीमा, छोटा, अल्प के अरथ में
आवेदन, आबंटन, आवृत्ति, आशोधन, आदाता, आसूचना
application, allotment, frequency, modification, payee, intelligence
Giving the meaning of towards, near, opposite, delimit, diminutive.
9
उत्-
इसका प्रयोग ऊपर, ऊपर जाने के अर्थ में, दूर, बाहर, से बाहर, अधिक के अर्थ में
उन्मूलन, उत्प्रवासी, उन्मुख, उत्पाद,
abolition, emigration, oriented, produce
Giving the meaning of up, upwards, off, away, out, out of, over.
10
उप-
कनिष्ठ, उप, निकट, नीचे, पर के अर्थ में

उपनिहित, उपोत्पाद, उपभोक्ता, उपार्जन, उपदान, उपयोक्ता
bail, byproduct, consumer, earning, subsidy, users
Giving the meaning of sub,by, inferior, subordinate, towards, under, on.
11
दुः, दुस्, दुर्
बुरे, कठोर, कठिन के अर्थ में
दुर्विनियोजन, दुर्व्यवहार, दुरुपयोग, दुर्लभमुद्रा
misappropriation, misbehavior, misuse, hard currency
Giving the meaning of mis, bad, hard, difficult.
12
नि-
नकारात्मक, में, भीतर, नीचे, पीछे, वापस के अर्थ में
निक्षेप, नियोजन, निवेश, निलंबन, निहित
deposit, employment, invest, suspension, vested
Giving the meaning of negation, in, into, down, back.
13
निः, निस्, निर्
नकारात्मक, बाहर, दूर, अगले, गहन के अर्थ में
निर्गम, निष्क्रिय, निष्पक्ष, निष्पादन
issue, inactive, impartial, performance
Giving the meaning of in-, im-, negation, out, away, forth, intensive.
14
परा-
दूर, परे, एकतरफ, पार के अर्थ में
परावर्तन, पराभव, परामर्श, पराकाष्ठा
reflection, defeat, advice, climax
Giving the meaning of away, off, aside, beyond.
15
परि-
चारों ओर, परिपूर्ण के अर्थ में
परिसर, परिवर्तन, परिवर्द्धन, परिपक्वता, परित्याग, परिवर्ती, परिलब्धियाँ, परिसमापन, परिसीमन
premises, alteration, addition, maturity, abandonment/renunciation, variable, emoluments, liquidation, delimitation
Giving the meaning of round about, fully.
16
प्र-
इसका प्रयोग सुनिश्चित नहीं है। यह बुरे और अच्छे दोनों अर्थ में प्रयुक्त होता है। आगे, दूर, अत्यधिक, महान के अर्थों में प्रयुक्त
प्रभार, प्रत्यक्ष, प्रयत्न, प्रबंधक, प्रवासी, प्रयोजन, प्रपौत्र, प्रपितामह
charge, direct, efforts, management, migrant, purpose, great grandson, great grand father
Giving the meaning of forth, on, away, towards, forward, great, very, excessive, great.
17
प्रति-
लैटिन के con- उपसर्ग के समानार्थी, अधिकतर विपरीत अर्थ में प्रयुक्त, परंतु सर्वत्र नहीं।
प्रतिपूर्ति, प्रतिनियुक्ति, प्रतिकृति, प्रतिस्पर्धा, प्रतियोगी, प्रतिकार, प्रत्येक
compensation/complementary, deputation, facsimile, competition, competitor, return/revenge, every.
Giving the meaning of con- (L. prefix), often giving the meaning of opposition-towards, in opposition to, against, upon, in return, back, likeness, every. 
18
वि-
यह दो विपरीत अर्थ देता है इसलिए प्रयोग में सावधानी आवश्यक है। बिना, अलग, दूर, विपरीत, गहन, भिन्न के अर्थों में प्रयुक्त
विनिधान, विपुलता, विनियोजन, विकेंद्रीकरण, विसंगति, विस्फीति, विलयन, विमुक्त, विज्ञान, विजित
allocation, abundance, appropriation, decentralisattion, discrepancy, disinflation, merger, discharge,  science, defeated.
Giving the meaning of without, apart, away, opposite, intensive, difference. (De-, Dis-, Re- equivalent to prefixes).
19
संम्- (सं-)
सम्यक्, भलीभाँति, सुनियोजित तरीके से, इकत्रित के अर्थों में प्रयुक्त। हिंदी में सं- के रूप में प्रयुक्त।
संशोधन, संवितरण, संवर्ग, समग्र, संवर्द्धन, संगपूर्ति, संवीक्षक, समनुदेशन
amendment, disbursement, cadre, overall, promotion, replenishment, scrutinizer, assignee,
Giving the meaning of con- (Prefix), with, together. When con- prefix is attached to another word/verval root, the letter –n changes accordingly.
20
सु-
अच्छा, सरल और शुभ के अर्थों में प्रयुक्त
सुकर्म, सुलभ, सुगम, स्वागत, सुशोभित
good deeds, easy, easy going, welcome, gracing the occasion, 
Giving the meaning of good, easy, well
हिंदी में उपसर्गों के रूप में प्रयुक्त अन्य शब्द/अव्यय
1
अ-      (नञ्),
नकारात्मक के अर्थ में। यह उन शब्दों के पूर्व लगता है जो व्यंजन से शुरू होते हैं। 
असंगत, अस्थायी, अगम, असुरक्षित, अकारण, अकाल, असित

(तत्सादृश्यमभावश्च तदन्यत्वं तदल्पता, अप्राशस्त्यं विरोधश्च नञर्थाः षट् प्रकीर्तिताः।– सादृश्य का अभाव, भिन्नता का प्रदर्शन, अल्पता का बोध, बुराई का द्योतन, विरोध का भाव, इन छह अर्थों में अ (नञ् का प्रयोग होता है।) )
irrelevant, temporary, beyond reach, unsafe, without any reason, draught, white,
Giving the meaning of negation, un-, without, beyond.
2
अन्- (
नकारात्मक के अर्थ में। यह उन शब्दों के पूर्व लगता है जो स्वर से शुरू होते हैं।
अनधिक, अनधिकृत,
not exceeding to, unauthorized,
Giving the meaning of negation, un-, without, beyond.
3
अंतर-
दो के बीच का अर्थ देता है।
अंतरराष्ट्रीय, अंतरविभागीय, अंतरकार्यालयी
international, interdepartmental, interoffices,
Giving the meaning of between two or many.
4
अंतः -
आभ्यंतर के अर्थ में,
अंतर्देशीय, अंतर्बैंक, अंतर्विभागीय, अंतर्मुखी
inland, intrabank, intradepartmental, introvert
Giving the meaning of within, inside, (Intro-).
5
अधः-
नीचे के अर्थ में, प्रयोग के समय इसके विसर्ग का रूप ओ, र,स्, श्, ष् होता है, कभी विसर्ग ही बना रहता है और विसर्ग का लोप भी हो जाता है।
अधोहस्ताक्षरी, अधस्तल, अधःपतन,
undersigned, ground level, falling down, 
Giving the meaning of under
6
आविर्-
ऊपर आने या जन्मने के अर्थ में प्रयुक्त
आविर्भाव
evolution
Giving the meaning of evolving 
7
कु-
सु- का विपरीतार्थी
कुटिल, कुपोषण, कुशासन, कुप्रबंध
badman, malnutrion, maladministration, mismanagement,
Giving the meaning of bad-  mis-, mal- opposite of good.
8
चिर्
पुराने या बहुत पीछे का अर्थ देता है।
चिरस्थायी, चिरकाल, चिरुत्तराधिकार, चिरत्व
perpetual/permanent, long time, perpepual succession, permanency
Giving the meaning of longevity, perpetuity.
9
पुरः-
सामने के अर्थ में
पुरस्कार, पुरस्कृत
reward, rewarded
Giving the meaning of forward.
10
पुरा-
प्राचीन के अर्थ में
पुराकाल, पुरातत्व
Ancient age, archeology
Giving the meaning of old.
11
पुनः-
फिर के र्अथ में
पुनरागमन, पुनरावृत्ति
Return/coming back, repetition
Giving the meaning of rehappening.
12
प्राक्-
पहले या पूर्व के अर्थ में
प्राक्कथन, प्राक्कलन, प्राक्कल्पना
preface, estimation, hypothesis
Giving the meaning of ante-.
13
प्रादुस्-, प्रादुर्
उद्भव के अर्थ में
प्रादुर्भाव
Evolution
Giving the meaning of evolution.
14
बहिः -
बाहर के अर्थ में
बहिष्कार
excommune
Giving the meaning of dispelling from.
15
स-
सहित के अर्थ में
सपरिवार, सपत्नीक, सब्याज
with family, with wife, with interest
Giving the meaning of including.
16
सद्
अच्छे के अर्थ में
सद्‍भाव, सद्‍भावी, सद्‍व्यवहार
good thoughts, bonafide, good behavior
Giving the meaning of good.
17
सह-
साथ, सहकारी के अर्थ में
सहकारी, सहयोग
Cooperative, Cooperation
Giving the meaning of to gether.
18
स्व-
आत्म या अपने से अर्थ में
स्वनियोजन, स्वनाम, स्वतंत्र
self employed, self name, independent
Giving the meaning of self or own
19
स्वयं-
खुद के अर्थ में
स्वयंसिद्ध, स्वयंमेव, स्वयंस्पष्ट
self proven, itself, self explanatory
Giving the meaning of self.
20
सम-
समानता के अर्थ में
समकालिक, समकालीन
contemporary
Giving the meaning of equal.
21
अर्ध -
आधा के अर्थ में
अर्धवार्षिक, अर्धकुंभ, अर्ध शासकीय
half yearly, half kumbh, demi official
Giving the meaning of demi-, semi- and half.
22
अध-
अर्ध- का सद्‍भव रूप
अधपका, अधकचरा,
half ripen, half heartedly done work
Giving the meaning of unfinished.
23
दु-
दो के अर्थ में
दुबारा, दुनाली,
again, double barrel rifle or gun
Giving the meaning of again.
24
बिन-
रहित के अर्थ में
बिनब्याज, बिनब्याही
without interest, unmarried
Giving the meaning of without.
25
भर-
के अनुसार
भरपूर, भरसक
full of, as per capacity
Giving the meaning of as per.
फ़ारसी उपसर्ग
1
कम-
न्यून के अर्थ में
कमखर्च, कमखुश, कमतर
less expenditure, less happy, inferior
Giving the meaning of less
2
खुश-
प्रसन्नता के अर्थ में
खुशमिजाज़, खुशफ़हमी
in happy mood, feel good
Giving the meaning of goodness.
3
ग़ैर-
बिना के अर्थ में
ग़ैर कानूनी, ग़ैर बैंकिंग
illegal, non banking
Giving the meaning of –less or without.
4
दर-
में, अलग के अर्थ में
दर असल, दरकिनार,
in fact, keep away
Giving the meaning of in side and out side both.
5
ना-
नहीं के अर्थ में
नामुमकिन, नामुराद, नाखुश
impossible, unfulfilled desire, unhappy
Giving the meaning of without.
6
फ़िल-
स्थिति बताने के अर्थ में
फ़िलहाल
at present
Giving the meaning of telling the position of.
7
ब-, बा-
निरंतर के अर्थ में
बदस्तूर, बाक़ायदा,
according to, according to rule or law
Giving the meaning of according to.
8
बद-
बुरे के अर्थ में
बदमाश, बदक़िस्मत,
badman, badlucky
Giving the meaning of bad.
9
बिला-
रहित के अर्थ में
बिलावजह,
without reason
Giving the meaning of useless, without.
10
ला-
नहीं या बिना के अर्थ में
लावसूल,
irrecoverable
Giving the meaning of in- .
11
हर-
प्रत्येक के अर्थ में
हरदिन, हरबार
every day, every time
                                            
Giving the meaning of every.
शब्द निर्माण की प्रक्रिया में अभी तक संपूर्ण वाङ्मय में प्रयुक्त शब्दों के निर्माण में 320 धातुओं का उपयोग हुआ है। यद्यपि धातुओं की संख्या 620 बताई जाती है परंतु केवल 520 धातुओं की खोज की जा सकी है। उनमें से भी केवल 320 धातुओं का उपयोग हुआ मिलता है। इसका मतलब यह है कि यदि 320 धातुओं को पढ़ लिया जाए तो हिंदी में आजकल प्रयुक्त कोई भी नवीन शब्द कठिन नहीं लगेगा। धातुओं की सूची किसी भी संस्कृत व्याकरण की पुस्तक में मिल जाएगी।
-डॉ. दलसिंगार यादव 

9 टिप्‍पणियां:

  1. आदरणीय यादव जी ,

    भाष विज्ञान की इतनी सार्थक जानकारी देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद |

    आप के इस प्रयास से निश्चित तौर पर हिंदी साहित्य समृद्ध होगा |

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  2. @ Blogger Dinesh pareek said...

    वहा वहा क्या कहे आपके हर शब्द के बारे में जितनी आपकी तारीफ की जाये उतनी कम होगी
    आप मेरे ब्लॉग पे पधारे इस के लिए बहुत बहुत धन्यवाद अपने अपना कीमती वक़्त मेरे लिए निकला इस के लिए आपको बहुत बहुत धन्वाद देना चाहुगा में आपको
    बस शिकायत है तो १ की आप अभी तक मेरे ब्लॉग में सम्लित नहीं हुए और नहीं आपका मुझे सहयोग प्राप्त हुआ है जिसका मैं हक दर था
    अब मैं आशा करता हु की आगे मुझे आप शिकायत का मोका नहीं देगे
    आपका मित्र दिनेश पारीक

    April 27, 2011 12:58 PM

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  3. शब्द तो हम भी बनाते थे उपयोग करते थे लेकिन इसके विज्ञान से कम ही परिचित थे.. बहुत उपयोगी आलेख ! राजभाषा वाकई समृद्ध होगी ऐसे आलेखों से .

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  4. आपका यह पोस्ट मुझे अच्छा लगा। आशा है भविष्य में भी आप इस प्रकार के ज्ञानवर्धक पोस्ट देते रहेंगे।धन्यवाद।

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  5. संस्कृत में " अपि" का अर्थ भी स्पष्ट करते तो शब्द भी मिल जाते , मेरी जानकारी के अनुसार अपि शब्द का अर्थ "भी" होता है( यानि Preposition ) तो उपसर्ग में प्रयुक्त नहीं पायेगा, कृपया मार्ग दर्शन कीजिये

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  6. खंकरियाल जी!
    आपने अच्छा प्रश्न उठाया है। मैंने संक्षेप में ही प्रयोग को बताया है।
    संस्कृत में अपि अव्यय है जिसका मतलब है-भी। इसके अनेक रूप कोsपि, अद्यापि, तथापि,इदानीमपि आदि ये सारे रूप अव्यय हैं। वाक्य के प्रारंभ में अव्यय के रूप में प्रयुक्त होता है तो प्रश्न सूचक अर्थ देता है, जैसे, अपि नामाहं पुरूरवा भवेयम् (विक्रमोर्वशीयम्)- क्या ही अच्छा होता यदि मैं पुरूरवा होता। शब्द के अंत में और वाक्य के बीच में प्रयुक्त होकर ढक्कन का ही अर्थ देता है। इयमधिकमनोज्ञा वल्कलेनापि तन्वी - शाकुंतलम् - चाहे ऊपर से वल्कल वस्त्र में ढकी हुई तन्वी जैसे शैवाल के नीचे स्वच्छ जल। अपि- उपसर्ग से बनने वाला कोई शब्द नहीं है। एक शब्द अपिधानम्, पिधानम् (अपि + धा + ल्युट्) जिसका अर्थ है - ढकना, छिपाना, चादर, ढक्कन, आच्छादन। अतः अव्यय और उपसर्ग में अंतर को समझें। दोनों प्रयोग भिन्न हैं।

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  7. बहुत ही उपयोगी और सार्थक पोस्ट। इससे राजभाषा हिन्दी से जुड़े लोगों को हिन्दी सेवा में काफ़ी मदद मिलेगी।

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  8. मैंने इसे गलती से करक (preposition ) लिख दिया था किन्तु गलती के अहसास के बाद मैंने गढ़वाल में अपने भतीजे से ( जो संस्कृत में व्याक्रनाचार्य है) संपर्क किया तो पता चला की यह अव्यय का निपात भाग है तथा उसने मुझे उपसर्ग के रूप में एक और शब्द बताया - "अप्याधिकम" इसके बारे में भी बताये .

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  9. खंकरियाल जी!
    उपसर्ग prefix हैं। लैटिन में भी हैं जैसा कि मैंने ज़िक्र किया था। अव्यय भी निपात हैं। निपात का मतलब जो अर्थ को बढ़ाते या घटाते हैं। व्याकरण में नाम, आख्यात, उपसर्ग और निपात चार तत्व हैं। अतः स्पष्ट है कि निपात उपसर्ग नहीं हैं। निपात के रूप में अपि का प्रयोग ही मिलता है। "अप्याधिकम" की वर्तनी "अप्यधिकम्" होनी चाहिए। अपि + अधिकम् = अप्यधिकम् (यण संधि के नियमानुसार)। इसमें अपि का अर्थ संदर्भ के अनुसार ही स्पष्ट हो पाएगा। शब्द निर्माण के कार्य में संधि, संयोग और समास का अध्ययन ज़रूरी है। आशा है आपकी शंका का समाधान हो जाएगा।

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