सोमवार, जनवरी 31, 2011

गगनचुंबी इमारतों में खेती


वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2050 तक विश्व की 80 प्रतिशत जनसंख्या शहरों में रहने लगेगी और उनके लिए फल और सब्ज़ियों की ज़रूरतों को पूरा करना मुश्किल हो जाएगा। ज़मीन भी घटने लगेगी क्योंकि शहर की आबादी में वृद्धि के साथ-साथ उन लोगों के रहने के लिए मकान भी बनाने पड़ेंगे तथा उन मकानों के लिए भी ज़मीन की ज़रूरत पड़ेगी। अतः संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। इसलिए खेती के लिए अतिरिक्त ज़मीन का प्रबंध करना होगा। कहाँ से आएगी ज़मीन? उस समस्या के समाधान के लिए ज़मीन से ऊपर ज़मीन पर खेती करनी होगी। इसे अंग्रेज़ी में वर्टिकल फ़ॉर्मिंग कहते हैं। बड़ी-बड़ी, ऊँची-ऊची इमारतें बनाई जाएं जिनमें नियंत्रित तरीके से, पानी, गरमी, सरदी, खाद, उर्वरक, कीटनाशक, पानी के निकास आदि की व्यवस्था के साथ कृत्रिम ढंग से खेत बनाए जाएं। इसके पक्ष और विपक्ष में बातें की जा रही हैं। लाभ ज़्यादा हानि कम बताई जा रही है। बहर हाल जो भी हो, हमारी तत्काल समस्या है कि अब इसे हिंदी में क्या कहा जाए? क्या गगनचुंबी खेती कहें? आप सुझाएं।

2 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत अच्छी पोस्ट...अच्छा लिख रहे हैं आप. मेरे व्यक्तिगत ब्लॉग 'शब्द सृजन की ओर' और Azamgarh Bloggers Association पर भी आयें और अपनी टिप्पणियों से अवगत कराएँ.

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  2. गगनचुंबी खेती उपयुक्त ही लग रही है. "कृषि अधर में" पर भी विचार किया जा सकता है.

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