गुरुवार, फ़रवरी 24, 2011

लालू मुलायम के आते ही मंत्रालयों में हिंदी क्यों आ जाती है?


क्या आपने इस बात पर ग़ौर किया है कि लालू मुलायम के आते ही मंत्रालयों में हिंदी क्यों आ जाती है? मतलब साफ है कि ब्यूरोक्रेसी की रीढ़ नहीं होती है। वे हवा का रुख देखकर रंग बदल लेते हैं। वास्तव में हिंदी न आने के लिए हमारे नेता ही कारण हैं। अतः अगली बार वोट देने से पहले अपने नेता से पूछें कि हिंदी के बारे में संसद में कोई प्रश्न क्यों नहीं पूछा? जब संसद में अंग्रेज़ी के विकास की बात की जाती है तो राजभाषा हिंदी के विकास की बात क्यों नहीं की जाती? राष्ट्रीय ज्ञान आयोग ने पहली कक्षा से अंग्रेज़ी पढ़ाए जाने की सिफ़ारिश की है और हिंदी का नाम तक नहीं लिया। केवल अंग्रेज़ी और क्षेत्रीय भाषा पढ़ाए जाने की वकालत की है। शायद त्रिभाषा सूत्र की तिलांजलि दे दी है।

3 टिप्‍पणियां:

  1. इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए शुभकामनायें आपको ! इस उम्र में भी आप जो कार्य कर रहे हैं वह वन्दनीय और आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगा !

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  2. हिंदी के बारे में संसद में कोई प्रश्न क्यों नहीं पूछा? जब संसद में अंग्रेज़ी के विकास की बात की जाती है तो राजभाषा हिंदी के विकास की बात क्यों नहीं की जाती?

    Agreed with you.

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  3. हिंदी वालों को हुंकार भरने की जरूरत है।

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